आज ख़ुशी का दिन है। सब सही से हो गया। हम अपने-अपने डरों में कितने बदल जाते हैं न? वो भी तब जब वो डर हमारा सबसे बड़ा डर हो। हमारे डर, हमारी कमजोरियाँ, हमारा प्रेम शायद इनके समानुपात से ही हम जैसे हैं वैसे बनते हैं। खैर अब कोई डर नहीं। 😊 सब सही है अब और अब सब सही होगा। अच्छे लोगों के साथ हमेशा अच्छा ही होता है। उनके साथ हमेशा अच्छा ही होना चाहिए।
खुश हूँ मैं बहुत खुश। उसके चेहरे पर मुस्कुराहटें बनी रहे। वो सारी खुशियाँ डिजर्व करती है ऐसे डर नहीं।उसे इस दुनिया की सारी खुशियाँ मिलें। उसका हर एक सपना पूरा हो जाए चाहे वो छोटे से छोटा हो। वो हमेशा स्वस्थ रहे और खुश रहे। और वो सभी लोग स्वस्थ रहें और खुश रहें जिनसे उसे मोहब्बत है।
आज ख़ुद से पहली बार मैं किसी मंदिर में गया। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं कभी भी जाऊंगा वो भी ख़ुद से। मैंने कृष्ण को हमेशा माना है, उनकी सीखें जानी हैं और समझने की कोशिश की है। मंदिर जाना मैंने कब छोड़ा था ये तो मुझे ठीक से याद नहीं लेकिन क्यों छोड़ा था ये ठीक से याद है। मेरी नारज़गी मंदिरों से नहीं थी मेरी नाराज़गी भगवान से थी। मुझे कोई दुःख मिला तो मैंने उसे चुपचाप बिना किसी से कहे सह लिया लेकिन जिनसे मुझे मोहब्बत थी जो मेरे दिल के करीब थे और जिन्होंने तुम पर आँख बंद करके भरोसा किया उनका कराहना भूल कर मैं कैसे तुम्हारा सज़दा कर लेता? मैं फ़िर खुद से नज़रे कैसे मिला पाता? लेकिन आज बहुत दिन बाद वहाँ एक सुकून सा मिल रहा था। जब गया था तब दिल बहुत घबराया हुआ सा था। लेकिन वहाँ जाते ही सब गायब हो गया। मैंने आँखे बंद करी और अपना सर झुका दिया! ऐसा लगने लगा जैसे सब ठीक होगा अब। मैं बहुत देर वहाँ ऐसे ही बैठा रहा। और सब ठीक हो गया! सर्ज़री सफ़ल रही। मुझे नहीं पता मेरी रब ने सुनी या नहीं, मुझे नहीं पता ये पंडित जी से उस पूजा कराने के कारण था या नहीं क्योंकि मैं भले ही रब को कृष्ण के रूप में मानता हूँ लेकिन बाकी सब को शायद नहीं लेकिन इस बार पहली बार उन्होंने मेरा यकीन नहीं टूटने दिया।
सच कहती है वो लोगों का बदल जाना एक अटल सत्य है। मैं भी धीरे-धीरे बदलने लगा हूँ। मैं उसके जैसे होने लगा हूँ।
शायद उसे यह पता नहीं है कि ये जो डर उसका है वो मेरा भी सबसे बड़ा डर है और मैं तो छोटी-छोटी बातों में भी डर जाता हूँ और पहले से ही ढेर सारी एहतियात बरतने लगता हूँ। मम्मी बोलती भी हैं क्या बच्चों जैसी हरकतें करने लगता हूँ मुझे जरा सा भी कुछ होता है तो। हाँ, मैं मोहब्बत में एक बच्चा सा हूँ ।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
आपकी प्रतिक्रियाओं का स्वागत है...