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बुधवार, दिसंबर 29, 2021

दिसंबर



दिसंबर का महीना साल का सबसे खूबसूरत महीना होता है.. और शायद प्रेम का भी.. दिसंबर बेपनाह नींदे लेकर आता है और नींदे प्रेम की सबसे खूबसूरत नेमतें होती हैं.. दिसंबर अब मुझे नींद का कम और जाग का ज़्यादा लगता है.. शायद किसी का जाना ऐसी तमाम बातों का धीरे-धीरे चले जाना है जो हम पहले माना करते थे...

बहुत याद करता हूँ तो याद आता है कि उसे गुलाबी रँग पसंद था तो मुझे पीला... उसे कपास के फूल पसंद थे तो मुझे जैसमीन... उसे हर दिन, हर तारीख, और वो घड़ी याद रहती जब हम मिला करते थे और मुझे सिर्फ़ उसकी बातें! इन्हीं अकेली पड़ी हुयी हथेलियों को थाम कर उसने एक दिन मुझसे कहा था - सुनो अब हम हमेशा साथ रहेंगे! और तब एक कतरा मेरी आँखों के अंदर ही ढुलक कर रह गया था जिसे मेरी मुस्कुराहट और शर्म ने छुपा लिया था! उस वाक्य का मतलब मैं अभी भी समझने की कोशिश कर रहा हूँ!

जब वो गई तो अपने साथ उन सारी तारीखों को ले गई लेकिन मेरे पास छोड़ गई अपनी तमाम बातें..

अलगनी पर पड़े सूखे कपड़े उतारने के बहाने मैंने छत पर उससे घंटों बातें की हैं! दिसंबर का सूरज मेरे प्रेम का गवाह रहा है वह प्रेम जिसका मेरे रोम-रोम से अब विस्मरण हो चुका है! दिसंबर का आना मेरे लिए किसी शोकगीत के सुनने जैसा है! वह गीत जो अब मैं कभी सुनना नहीं चाहता!

- हिमांशु जायसवाल

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