तुम्हारे लिए एक
चिट्ठी...
सुनो,
कहने
को तो मैं तुम्हारा बड़ा भाई हूँ लेकिन ज्यादातर काम तुमने बड़ों वाले किये हैं आज
तक l घर पर कोई काम रहता हो, किसी फंक्शन में जाना होगा,
किसी को मनाना हो, किसी को हंसाना हो या फिर
किसी का दिल बहलाना हो, कोई घर का टेक्निकल मैटर हो या फिर
कोई भी समस्या का हल निकालना हो, ये सब कैसे किया जाता है वो
सब तुम्हें पता रहता है... मुझे तो अपने लिए कपड़े लेने तक नहीं आते, आज तक तुमने ही मेरे लिए कपड़े भी लिए हैं और उनका स्टाइल सेंस.. कब कहाँ
क्या पहनना है.. सब तुमने ही मुझे बताया है l सच कहूँ तो मैं
खुद को तुम्हारे सामने कुछ भी नहीं मानता l
हाँ
जानता हूँ हम भाई ज्यादा हैं और दोस्त कम.. इसकी एक बड़ी वजह मेरा खुद का नेचर
है.. जो प्यार,
दोस्ती, रिश्तों में ज्यादा फर्क करना नहीं
जानता l लेकिन हर रिश्ते में एक दोस्ती का होना बहुत जरूरी
है.. इसलिए बीते कुछ सालों में मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की कि तुम्हारा अच्छा
दोस्त बन सकूँ l
हाँ
कुछ बातें तुमसे बड़ा होने के कारण तुमसे बेहतर समझता हूँ मैं तो वो आज तुमसे कहने
जा रहा हूँ l
जानते
हो मेरा बचपन जिसका अगर कोई भी पल मैं याद करता हूँ तो उसमे तुम होते ही हो l वो टेकेन
3 विडियो गेम के लिए पंडित की दुकान के कितने चक्कर लगाना हो
... या फिर कागज़ को गोल गोल बनाकर उस पर पन्नी और धागा लपेट कर गेंद का बनाना और
उससे छत पर क्रिकेट खेलना हो... मम्मी के सो जाने पर कितनी शैतानी करना.. और फिर
उनके उठने पर हम दोनों का मार खाना... और तुम्हारा मुझे भइया कहकर कोई भी बात
कहना.. सब जैसे मेरे इस मन मे कहीं घुला हुआ है, जिसे मुझसे
कभी अलग नहीं किया जा सकता l
जीवन
में तुमने इतनी सफलताएँ पायीं हैं तो हारने की भी हिम्मत रखना... हारने पर भले ही
टूट टूट जाना तुम क्योंकि टूट कर ही किसी का रूप निखरता है लेकिन खुद को समेट लेने
का जज़्बा भी रखना l हारने में कहीं कोई बुराई नहीं है बस किसी हार को
दिल से मत लगाना और उसे सीख कर आगे बढ़ चलना l
जीवन
में हमारा दिल भी कई बार टूटता है, जिसे हमने अपना सब कुछ माना होता
है वो साथ छोड़ जाता है.. ऐसे में खुद को निराश मत होने देना l याद रखना ऐसे लोग हमे अपनी जिन्दगी में कुछ सिखाने आए होते हैं l कभी प्यार करना तो कभी नफरत करना भी और उस नफरत में कोई छुपी हुयी सीख भी l
दिल का टूटना दर्दनाक होता है शायद इससे बड़ा कोई और दुख नहीं लेकिन
तुम खुद को इससे मज़बूत बनाना... तुम कोई कमजोर इंसान नहीं हो l खुद को और नये मौके देना...
हाँ
कभी कभी तुम बहुत बुरे इंसान भी बन जाओगे.. जैसा कि तुम्हें लगेगा लेकिन अच्छे और
बुरे दोनों इंसान हमारे अंदर ही होते हैं.. हर किसी के अंदर होते हैं l मायने ये
रखता है कि कौन किस पर किस वक़्त हावी होता है l मुझे पता है
तुम एक बहुत ही नेक दिल इंसान हो... इसलिए उस बुरे इंसान से कभी नहीं घबराना तुम l
लोगों
की बातों पर ज्यादा ध्यान मत देना.. उनकी सही गलत की परिभाषा हमेशा उनकी सोच पर
आधारित होती है.. क्योंकि उन्हें हमारे बारे में कुछ भी नहीं पता होता इसलिए उनकी
बातों को ज्यादा तवज्जो मत देना l तुम हमेशा खुद ही अपना आंकलन करना और खुद को
हमेशा और बेहतर इंसान बनाने की कोशिश में लगे रहना l
ये
जिन्दगी किसी की गलतियों का बोझा ढोते रहने के लिए बहुत लंबी है क्योंकि हम सभी कई
कई गलतियाँ करते हैं कभी स्वार्थ में तो कभी प्यार में.. ऐसे लोगों को तुम जल्दी
माफ कर देना और खुद को भी माफ करना सीखना.. क्योंकि एक माफी हमे आगे बढ़ने के कई नये
रास्ते दिखाती है चाहे वो खुद की गलती की हो या फिर दूसरे की गलती की हो l लेकिन उस
माफी से पहले कुछ सीखना और उसे अपनी आगे की जिन्दगी में अमल में लाना l
तुम
जानते हो मुझे गुस्सा जल्दी आता है इसलिए गुस्से में मेरी कही बातों को कभी दिल से
नहीं लगाना l
मैं गुस्से में जो भी बोलता हूँ उससे मेरा दिल कभी ऐतबार नहीं करता l
इसे भी मेरी एक कमज़ोरी ही समझना l लेकिन तुम
अपने गुस्से पर काबू रखना सीखना... क्योंकि ये हमसे हमारा बहुत कुछ छीन लेता है..
प्यारा से प्यारा l
मुझे
नहीं कोई समझदार बड़ा भाई बनना तुम्हारा क्योंकि तुम मुझसे ज्यादा समझदार हो इसलिए
तुम मुझे अपना दोस्त ही समझना और जैसे आज तक अपनी हर बात मुझसे कहते आए हो आगे भी
कहते रहना l
तुम्हारा होना, तुम्हारे होने का एहसास ही
होना मेरे लिए सब कुछ है इसलिए तुम्हारा जन्मदिन मेरे लिए बेहद खास है l ताज्जुब होता है कि पहले कभी तुम्हें कोई ऐसा ख़त क्यों नहीं लिखा l
चलो अब तो लिखा....😊
तुम्हें
तुम्हारा जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक हो... 🙂जिन्दगी में हमेशा आगे बढ़ते रहो और खूब खुश रहो l
तुम्हारा
बड़ा पर ज़िद्दी भाई
-हिमांशु मोहन

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